अमिट छाप छोड़ कर सेवानिवृत्त हुए SNNR काॅलेज के प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह अमर
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अमिट छाप छोड़ कर सेवानिवृत्त हुए SNNR काॅलेज के प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह अमर

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विदाई समारोह में शिक्षकों ने कहा विदा नहीं दिल में बसे हैं प्राचार्य प्रो. अमर, भाव-विह्वल हुए सभी

BINOD KARN

BEGUSARAI : SNNR काॅलेज के प्राचार्य प्रो अशोक कुमार सिंह अमर 31 जनवरी 24 को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने अपना प्रभार वरिष्ठतम शिक्षक उर्दू विभागाध्यक्ष मो. जकी को सौंप दिया। यूं तो सेवानिवृत्त प्रत्येक नौकरी में निर्धारित है लेकिन कुछ लोग अमिट छाप छोड़ कर संस्थान में यादगार के रूप में हमेशा बने रहते हैं यानी शिद्दत के साथ उन्हें याद किया जाता है। ऐसे लोगों के श्रेणी में प्रो. अमर का नाम भी शुमार हो गया है।




मौके पर शिक्षकों ने कहा कि आपकी सेवानिवृति नहीं हो रही है आप सबके दिलों में रचे - बसे हैं। ऐसे प्राचार्य प्रो अमर को कोई कैसे विदा कर सकता है जिन्होंने वीरानी का आलम झेल रहे काॅलेज परिसर को न सिर्फ गुलजार किया बल्कि दियारा में अवस्थित काॅलेज को नई पहचान दिलाई। 
बताते चलें कि प्रो. अशोक कुमार सिंह अमर
एसएनएनआर काॅलेज, चमथा में 1990 में जब योगदान दिया था, तो खपरैल भवन में कक्षा चल रही थी। कक्षा चलते समय मवेशियां परिसर में विचरण करती थीं। सबसे बड़ी मुसीबत आवागमन को लेकर थी। बकौल प्रो. अमर उन्होंने कई बार इस काॅलेज को छोड़कर कहीं अन्य जगह नौकरी करने को सोची। लेकिन अंतर्रात्मा पिछड़े इलाके को चमन बनाने को कहती गई। नौकरी का शुरुआती दौर चुनौतियों से भरा रहा। बाद में तो चमथा से ऐसे जुड़ गए कि पंचायत का हर कोई उन्हें अपना मानने लगा।




शैक्षणिक माहौल के साथ बदल डाला पूरा परिसर

31 जनवरी 2024 को जब प्रो. अमर सेवानिवृत्त हो रहे थे तो काॅलेज का कक्षा, कार्यालय व सभाकक्ष सभी चकाचक है। कोई कल्पना नहीं कर सकता कि दियारा क्षेत्र में भी ऐसा भवन किसी काॅलेज के पास हो सकता है। इनके कार्यकाल में परीक्षा परिणाम भी अप्रत्याशित रहा। दियारा इलाके के अभिभावकों ने भी अपने बच्चों को इस काॅलेज में नामांकन को प्राथमिकता देने लगे। वजह सख्त अनुशासन के साथ शैक्षणिक माहौल रहा। मसलन कहें तो जिस मकसद से काॅलेज की स्थापना की गई उसके कसौटी पर प्रो. अमर खड़े उतरे।




बिहार टाॅपर, IAS, डाॅक्टर व इंजीनियर

इनके कार्यकाल में यहां के छात्र राजीव रौशन (संप्रति, दरभंगा डीएम) UPSC की परीक्षा में भारत में 23वां रैंक लाकर काॅलेज ही नहीं संपूर्ण बेगूसराय का गौरव बढ़ाया। वर्ष 2011 में यहां की छात्रा शांभवी ने इंटर विज्ञान की परीक्षा में बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिहार टॉपर बनी वहीं अनामिका बिहार की तृतीय टॉपर बनी‌।
 2015 में रचित कुमार ने इंटर विज्ञान की परीक्षा में बिहार में पांचवां रैंक प्राप्त कर कॉलेज का गौरव बढ़ाया। रचित अभी एम्स हॉस्पिटल, हिमाचल प्रदेश में द्वितीय वर्ष का छात्र है। इसके अलावा भी इस कॉलेज के सैकड़ों छात्र/छात्राएं डॉक्टर, इंजीनियर बन कर कॉलेज का गौरव बढ़ा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई उपलब्धियां इस महाविद्यालय ने हासिल की हैं। आज विदाई के मौके पर प्रो. अमर भावुक हो गए। कहा इसे सींचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी है। अब आप लोगों को दायित्व देकर जा रहा हूं कि इसे पल्लवित पुष्पित करते रहेंगे।
प्रभार के आदान-प्रदान करते वक्त प्रो. कर्ण किशोर प्रसाद, प्रो. प्रभात कुमार, प्रो. इंदुभूषण पाठक, प्रो. श्रीमति सीमा कुमारी, प्रो. पंकज कुमार, प्रो. रामप्रवेश चौरसिया, प्रो. विशाल कुमार सिंह, प्रो. विश्वजीत कुमार, इंद्र मणि सिंह, ओम प्रकाश मिश्र तथा छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
आज के दिन ही कॉलेज के गणित विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रभात कुमार एवं अमरनाथ सिंह भी सेवानिवृत हुए।










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