EX. MP डॉ. भोला सिंह के जयंती पर खुला स्मृतियों का पिटारा, हर वक्ता सुना गए संस्मरण
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EX. MP डॉ. भोला सिंह के जयंती पर खुला स्मृतियों का पिटारा, हर वक्ता सुना गए संस्मरण

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बेगूसराय में लगेगा भोला बाबू का STATUE, सांसद प्रो राकेश कुमार सिन्हा करेंगे DONATE


BINOD KARN

BEGUSARAI : आधुनिक बेगूसराय के शिल्पकार, सरस्वती पुत्र, जन-जन के प्रेरणा स्त्रोत पूर्व मंत्री व निवर्तमान सांसद डॉ भोला प्रसाद सिंह की जयंती पर बुधवार को नगर निगम क्षेत्र के पन्हांस गार्डन में समारोह का आयोजन किया गया। सभी वक्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने स्मृतियों का पिटारा खोल दिया। भोला बाबू के बारे में सुनकर श्रोताओं के मुख से निकला हरि अनंत हरि कथा अनंता। इससे पूर्व अतिथियों व गणमान्य लोगों ने स्मृति शेष डॉ भोला प्रसाद सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। आयोजन में मुख्य भूमिका डॉ भोला बाबू के पौत्र मनीष कुमार की रही। समारोह में सभी दलों के नेता व प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




भोला बाबू ने पहली बार दिखाया था बिहार विधानसभा : राज्यसभा सांसद प्रो. सिन्हा

राज्यसभा सांसद प्रो. राकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में राजनीतिक प्रशिक्षण देने की परंपरा रही है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने में भोला बाबू का योगदान भुलाया नहीं जा सकता है। वे दूरद्रष्टा थे। इस कड़ी में उन्होंने अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि मैट्रिक पास करने के बाद उनसे मिला तो उन्होंने कहा इंटर पास करके मिलना। इंटर पास करके जब मैं पटना में उनसे मिला तो उन्होंने मुझे विधानसभा की कार्यवाही से लेकर पूरा भवन दिखाया। उन्होंने कहा कि बेगूसराय जिले के 1029 गांव में से जितनी जगह गया तो पाया कि डॉ भोला बाबू सर्वप्रिय व सर्वसुलभ थे। ऐसे नेता
जिन्होंने बेगूसराय के लिए जीवन समर्पित कर दिया उनकी प्रतिमा जिले में न हो खेदजनक है। उन्होंने घोषणा की कि भोला बाबू की प्रतिमा पर जो खर्च होगा उसे वह देंगे। उनके पौत्र मनीष कुमार को एक स्मारिका निकालने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से भोला बाबू की जयंती मनाई जानी चाहिए। साथ ही स्मारक व्याख्यान का आयोजन अगले साल से किया जाय।





MLC सर्वेश कुमार ने कहा राजनीति के विश्वविद्यालय थे भोला बाबू


सर्वेश कुमार ने कहा कि भोला बाबू ने कहा था कि विरोध शक्ति का होता है व्यक्ति का नहीं। इस उन्होंने संजीदगी से महसूस किया है। भोला बाबू राजनीति के विश्वविद्यालय थे। हर समस्या का निदान उनके पास था।

पूर्व विधान पार्षद रजनीश कुमार ने कहा शिल्पकार थे भोला बाबू। वे छेनी- हथौड़ी चलाकर मूर्ति गढ़ते थे। उन्होंने कहा कि उनके सानिध्य में वे बहुत कुछ सीखे और हथौड़ी भी उनपर उतनी ही चली। हथौड़ी के चोट की पीड़ा भी हुई। लेकिन जब उनसे मिला तो उन्होंने कहा था कि छेनी- हथौड़ी के बिना सुंदर मूर्तियां नहीं बनती है।



जिधर जनता गई, उधर चले गए : पूर्व विधायक श्रीकृष्ण सिंह

पूर्व विधायक श्रीकृष्ण सिंह ने कहा लोग कहते है कि भोला बाबू दल बदलते रहे। लेकिन वे तो कहेंगे कि वे जनता के नब्ज को पहचानते थे। जनता का मिजाज जिधर देखते थे उधर चले गए। जाति-धर्म से परे व प्रवाहवान रहे। इस मौके पर समाजवादी नेता चितरंजन प्रसाद सिंह, निवर्तमान जिला अध्यक्ष राजकिशोर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान, माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ सुरेश प्रसाद राय, नगर निगम के डिप्टी मेयर अनिता देवी, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अभय कुमार सिंह उर्फ सारजन, वरिष्ठ कांग्रेसी रामविलास सिंह, मुखिया महासंघ के जिला अध्यक्ष मो. अहसन, पूर्व मुखिया संजीव कुमार सिंह, भाजपा नेता नवीन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार वर्मा, सांसद प्रतिनिधि सह अधिवक्ता अमरेन्द्र कुमार अमर, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सरोजनी भारती सहित दर्जनों नेताओं ने अपने विचारों को रखा। अध्यक्षता भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय कुमार ने की जबकि 
मंच संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष बलराम सिंह किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रामरेखा सिंह ने किया। मौके पर दर्जनों नेताओं व प्रमुख कार्यकर्ताओं को भोला बाबू के पौत्र मनीष कुमार व्दारा चादर और पौधा देकर सम्मानित किया गया।

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