दरभंगा में अदाणी ग्रुप और किसानों के बीच जमीन का पेच
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दरभंगा में अदाणी ग्रुप और किसानों के बीच जमीन का पेच

 


अनाज भंडारण केंद्र ( साइलो) के सुरक्षा गार्डों और ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट के बाद अब भी तनाव है। पुलिस वहां कैंप कर रही है। जाले थाना क्षेत्र के जोगियारा-खेसर पथ पर एफसीआइ के साथ हुए अनुबंध के तहत अदाणी ग्रुप 22 बीघा 14 कट्ठा जमीन पर 50 हजार टन क्षमता वाला साइलो का निर्माण कर रहा है। चार माह से काम चल रहा है। इससे पूर्व आठ माह तक विवाद के कारण निर्माण कार्य ठप रहा। विवाद की वजह किसानों की जमीन पर होनेवाली घेराबंदी है।किसानों का कहना है कि बिचौलियों के माध्यम से उनकी जमीन डेढ़ से साढ़े 12 लाख रुपये प्रति कट्ठा खरीदी गई थी। इसे एफसीआइ और अदाणी ग्रुप को दोगुने भाव पर बेची गई। ओने-पौने दर पर उन लोगों से जमीन लेकर बड़े समूह के हाथों बेची जा रही, इसकी भनक तक नहीं लगी। अब तक 65 किसानों से जमीन की खरीद की गई है। इस भूक्षेत्र में कई ऐसे किसान हैं, जिनकी कुछ जमीन बची है तो कई की पूरी। ऐसे किसानों की संख्या एक दर्जन से ऊपर है। इनकी लगभग साढ़े पांच बीघा जमीन उस भूक्षेत्र में है। अब घेराबंदी के दायरे में जमीन आने से परेशानी बढ़ गई है। किसान खेसर निवासी रामकिशुन बैठा, जोगियारा के नितिन कुमार राठौर आदि ने कहा कि साइलो के अंदर खतियानी भूमि है। कुछ किसानों की भूमि फर्जी ढंग से रजिस्ट्री करा ली गई है। इसमें स्थानीय बिचौलिया की अहम भूमिका है।

नौकरी का प्रलोभन देकर ली गई जमीन

अनुसूचित जाति के कई किसानों को नौकरी का प्रलोभन देकर जमीन ली गई है। जिन लोगों ने जमीन रजिस्ट्री कराई है उसमें एक उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्ध नगर निवासी राजेश भाटी और दूसरा मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के विशनपुर निवासी अभिलाष कुमार हैं। उसने वर्तमान पता मुंबई अंकित कराया है। रजिस्ट्री के बाद ये लोग अदाणी एग्रो के नाम से भूमि का निबंधन कर दिया है। घेराबंदी से खेती प्रभावित होगी। पीड़ित बुच्ची देवी का आरोप है कि निजी भूमि को घेरने की कोशिश की जा रही है। इस क्रम में मंगलवार को उसकी झोपड़ी उजाड़ दी गई थी। इसे लेकर सुरक्षा गार्डों ने मारपीट की। इसमें छह लोग जख्मी हो गए। वहीं सुरक्षा गार्ड कृषिकेश कुमार झा, रोहित कुमार गुप्ता, गोविंद झा आदि ने बताया कि यहां उनके अधिकारी नहीं रहते हैं। किसी का मोबाइल नंबर भी नहीं है। वहीं जाले सीओ राकेश कुमार ने कहा कि साइलो के अंदर एक दर्जन किसानों की भूमि है। घेराबंदी से परेशानी के लेकर कई आवेदन मिले हैं। इसकी जांच कराई जा रही है।

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