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BJP कार्यकर्ताओं ने कहा - Part Time MLA हैं कुंदन कुमार, जनता ना कार्यकर्ता किसी से नहीं मिलते, कमीशनखोरी वाली योजनाओं को देते हैं तवज्जो
BINOD KARN
BEGUSARAI : बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही जिला BJP के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने बेगूसराय MLA कुंदन कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने BJP के राष्ट्रीय महामंत्री सह बिहार BJP प्रभारी विनोद तावड़े से मिलकर ज्ञापन सौंपा है तथा MLA कुंदन कुमार की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रभारी श्री तावड़े को बताया है कि किस तरह MLA बनने के बाद कुंदन कुमार आम लोगों और कार्यकर्ताओं से खुद को काट लिया है। बेगूसराय से पटना कहीं भी वह बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से नहीं मिलते हैं।
दरअसल, बीते 9 मार्च को बिहार BJP प्रभारी विनोद तावड़े बेगूसराय के दौरे पर थे। उन्होंने प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक होटल के सभागार में बैठक की। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र बार संगठन की स्थिति पर चर्चा हुई। इसी बैठक में उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर भी कार्यकर्ताओं की बात सुनी। श्री तावड़े की इस यात्रा में मीडिया को दूर रखा गया था।
वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में MLA कुंदन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की चर्चा बाद में पहले विनोद तावड़े ने एक कहानी के माध्यम से जो जवाब दिया उसे जानिए फिर लगाए गए आरोपों को विस्तार से बताएंगे।
विनोद ताबड़े ने कोर कमिटी के सदस्यों को एक कहानी सुनाते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के चुनाव प्रभारी थे। द्रौपदी मुर्मू का दूर-दूर तक राष्ट्रपति में कोई नाम नहीं था। एक दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने द्रौपदी मुर्मू के घर पर फोन किया। कहा कि दिल्ली में आपकी आवश्यकता है।
वह मना कर दी। वह समझी कि किसी निगम बोर्ड में अध्यक्ष बनाया जा रहा है।
कुछ समय के बाद जब टीवी में नाम चलने लगा और लोग बधाई देने गांव में पहुंचने लगे तब पता चला कि द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति के लिए चयन किया गया है। तावड़े ने कहा कि BJP में कोई यह ना समझे कि मेरा पद कंफर्म है क्योंकि हम प्रभावशाली हैं। निर्णय दल के हिसाब से होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई नेताओं के स्वागत, खाना खिलाने से टिकट नहीं प्राप्त कर सकता है। गौरतलब हो कि तावड़े जी की बैठक जिस होटल के सभागार में रखी गई थी वह एक BJP नेता की है। जिसको लेकर भी तरह-तरह की चर्चा होने लगी।
विनोद ताबड़े को सौंपे गए ज्ञापन में क्या कहा गया है उसे जानिए
बेगूसराय जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में एक मात्र बेगूसराय नगर में सात बार BJP चुनाव लड़ी और छह बार जीत गई। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ कि यहां पार्ट टाइम विधायक चुने गए हैं। ये महीना में दो-चार दिन में क्षेत्र में समय देते हैं। इतना ही नहीं बेगूसराय के इतिहास में पहले ऐसे विधायक हैं जो पटना में सरकारी आवास नहीं लेकर सरकार से आवासीय भत्ता लेते हैं। यहां उल्लेखनीय है कि जो विधायक सरकारी आवास नहीं लेते हैं उन्हें 60 हजार रुपये मासिक मकान भाड़ा मिलता है।
आरोप लगाया गया है कि बेगूसराय स्थित अपने आवास पर वे किसी से नहीं मिलते हैं। अलग से उनका कार्यालय है जहां वे महीने में सिर्फ एक-दो दिन घंटा-दो घंटे बैठते हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि विधायक, उनके प्रतिनिधि व पीए कोई बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं। इसके अलावा विधायक का संपूर्ण योजना उनके रिश्तेदार द्वारा केंद्रीयकृत रूप कराया जा रहा है जो बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के निवासी भी नहीं हैं। विधायक जी विकास निधि फंड का उपयोग जिम सामग्री सप्लाई में अधिक किया जाता है ताकि कमीशन अधिक मिल सके। इसके साथ ही संगठन की मजबूती के बजाय गुटबाजी को प्रश्रय देने का आरोप लगाते हुए दावा किया गया है कि 2000 से अब तक पंचायत व मंडल में सक्रिय रहे 90 प्रतिशत कार्यकर्ता विधायक के कार्य से असंतुष्ट हैं।
संगठन प्रभारी तावड़े जी से इन सभी बिंदुओं की जांच कराने और आगामी चुनाव में सुयोग्य उम्मीदवार देने की मांग की गई है।
कुंदन कुमार का टिकट कटवाने को सभी गुट आए एक साथ
आगामी विधानसभा चुनाव में कुंदन कुमार को दोबारा टिकट नहीं मिले इस मुद्दे पर BJP के भीतर सभी गुट एकजुट है और इस एकजुटता का खुलकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। अभी खुलकर कोई दावेदारी भी नहीं ठोक रहा है। सबका मकसद पहले कुंदन कुमार को टिकट से बेदखल करना है। क्योंकि सबको पता है कि बीते चुनाव में कुंदन कुमार गणेश परिक्रमा कर ही मुकाम हासिल किया था। इस बार भी सफल हो जाय तो कोई अचरज की बात नहीं होगी।
किन नेताओं की लगी है बेगूसराय सीट पर नजर
बेगूसराय विधानसभा सीट पर यूं तो BJP के दर्जन भर नेता दावेदार हैं। इनमें बेगूसराय सीट से विधायक रह चुके वर्तमान खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता, Ex. MLC रजनीश कुमार, वरिष्ठ BJP नेता सह स्टेंडिंग काउंसिल अमरेन्द्र कुमार अमर, पूर्व सांसद के पौत्र मनीष कुमार, गंगा डेयरी के MD अखिलेश कुमार, BJP के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय कुमार के नामों की चर्चा लोग कर रहे हैं। लेकिन जब पार्टी प्रत्याशी को लेकर नोमिनेशन मांगेगी तब कौन आगे आएगा यह कहना कठिन है। वैसे सब कुछ तो ऊपर से तय होना है। विनोद ताबड़े जो कहानी सुना कर लौटे हों इससे फर्क नहीं पड़ता है।