आशीर्वाद रंगमंडल द्वारा मंचित नाटक "कथकरेज" ने दर्शकों पर छोड़ा अमिट छाप
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आशीर्वाद रंगमंडल द्वारा मंचित नाटक "कथकरेज" ने दर्शकों पर छोड़ा अमिट छाप

THN Network (Desk): 








BINOD KARN 

BEGUSARAI : दिनकर कला भवन बेगूसराय में आशीर्वाद रंगमंडल द्वारा सोमवार को आयोजित "स्वागत , संस्कार और संवाद" समारोह के मौके नाटक कथकरेज का मंचन अमिट छाप छोड़ गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर श्रीमती पिंकी देवी, उप महापौर श्रीमती अनिता देवी, पूर्व महापौर संजय कुमार, नगर आयुक्त मनोज कुमार, संजय कुमार सिंह, वरिष्ठ रंगकर्मी अवधेश सिन्हा, डॉ. रंजन चौधरी, रंगमंडल के अध्यक्ष ललन प्रसाद सिंह और सचिव अमित रौशन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
 इस अवसर पर नाटक कथकरेज का सफल मंचन किया गया। नाट्य प्रदर्शन उपरांत सभी वार्ड पार्षद का अंग वस्त्र और बुके से सम्मानित किया गया और उनसे संवाद कार्यक्रम किया गया। सचिव अमित रौशन ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हम रंगमंच को गांव तक ले जाएं। ग्रामीण कलाकारों को सहायता पहुंचाने को लेकर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के पेंशन योजना से अवगत करवाया। कहा इस योजना के माध्यम से 48000/- से कम आय और 60 वर्ष से अधिक उम्र के कलाकार को 6000/- मासिक पेंशन दिलाया जा सकता है। असहाय और दुर्घटनाग्रस्त कलाकार को बिहार सरकार के कलाकार कल्याण कोष से मदद दिलाई जा सकती है। जिससे कलाकारों को समाज में इज़्जत मिलेगी। आप वार्ड पार्षद आगे पांच साल में बहुत से कलाकारों को भला कर सकते हैं। हम रंगकर्मी आपके साथ हैं। इस कार्यक्रम को स्वर्गीय रंगकर्मी मदन द्रोण को समर्पित किया गया। साथ ही द्रोण तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
 


इस अवसर पर महापौर श्रीमती पिंकी देवी ने कलाकारों को सहयोग देने की बात करते हुए नाटक से काफी प्रभावित होकर सराहना की।उन्होंने माताओं से अपील किया कि आप बेटियो को संस्कार दे जिससे कि परिवार का बिखराव न हो। 
उप महापौर श्रीमती अनिता देवी ने कलाकार को समाज का आइना बताया। पूर्व महापौर संजय कुमार ने दिनकर कला भवन के संरक्षण हेतु नगर निगम से अपील किया कि इसको सुंदर और आधुनिक बनाया जाय। इसमें जो भी सहयोग होगा वे करेंगे। वरिष्ठ रंगकर्मी अवधेश सिन्हा ने कहा कि आशीर्वाद रंगमंडल का ये पहल अगर सफल रहा तो रंगकर्म के लिए एक क्रांति होगी। आशीर्वाद हमेशा नया कुछ करती रही है इसी कड़ी में अमित रौशन ने स्वागत, संस्कार और संवाद के अवसर पर प्रथम आशीर्वाद मासिक नाट्य श्रृंखला 2023 की शुरुआत की है जिसमें जनवरी से दिसंबर तक प्रत्येक माह एक नाटक की प्रस्तुति जिले के अलग अलग जगहों पर किया जाएगा। धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष ललन प्रसाद सिंह ने किया। 

क्या है कथकरेज की कहानी

नाटक श्रवण कुमार गोस्वामी द्वारा लिखित नाटक कथकरेज एक परिवार की कहानी है। जिसमें गंगा बाबू और कांति को दो बेटा है, एक तीसरा जिसे गंगा बाबू ने गोद लिया है। तीनों की परवरिश एक समान करते थे। दोनों बेटा अजय और विजय पढ़ कर बाहर चला जाता है। मां बीमार होती है तब भी नही आता है। तीसरा बेटा रंजन जो दुकान में मां बाप का साथ देता था। उसकी शादी अपनी जाति में समाज के विरोध के बावजूद करते हैं, लेकिन शादी के बाद रंजन की पत्नी काफी झगड़ालू थी जिसके कारण रंजन घर छोड़ कर चला जाता है। गंगा बाबू और कांति को काफी पश्चाताप होती है कि जब अपना खून ही बदल गया तो दूसरे का क्या...
लेकिन रंजन वापस आ जाता है तो दोनों को लगता है कि जो कल कटकरेज बन कर चला गया था, आज कैसे आ गया तो कांति कहती है कि ये सब त्रिया चरित्र का कमाल था...। इस तरह ये नाटक समाज को एक नई दिशा देने का काम करता है। नाटक में गंगा बाबू की भूमिका मोहित मोहन, कांति की भूमिका कविता कुमारी, रंजन की भूमिका कुणाल भारती, बहु की भूमिका कृष्णा कुमारी, सूत्रधार की भूमिका चर्चित अभिनेता सचिन कुमार और कुणाल भारती, कोरस में सचिन, बिट्टू, नंदकिशोर कलाकार, एवं प्रकाश संयोजन मकसूदन कुमार, संगीत अरुण कुमार ने दिया। कार्यक्रम में आशीष कुमार, विकास, रश्मि कुमारी, गौरव कुमार, नंदकिशोर, मनोज कुमार मिश्र ने सहयोग कर सफल बनाया।
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